लंदन: टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड लंबे समय से सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है। क्रिकेट जगत में इसे उन उपलब्धियों में गिना जाता है जिन्हें तोड़ पाना बेहद मुश्किल माना जाता रहा है। हालांकि अब इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट की शानदार फॉर्म ने इस रिकॉर्ड को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। ताजा आंकड़ों और विशेषज्ञों की भविष्यवाणी के अनुसार रूट आने वाले वर्षों में सचिन के इस ऐतिहासिक कीर्तिमान को पीछे छोड़ सकते हैं।
जो रूट इस समय टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर हैं। उनके नाम 14,075 रन दर्ज हैं, जबकि सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में 15,921 टेस्ट रन बनाए थे। ऐसे में रूट को यह रिकॉर्ड तोड़ने के लिए अभी 1,876 रन और बनाने हैं।
2028 में टूट सकता है ऐतिहासिक रिकॉर्ड
एक विशेष आंकलन के अनुसार जो रूट के पास सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ने की 71.3 प्रतिशत संभावना बताई गई है। पूर्व इंग्लैंड कप्तान और क्रिकेट विश्लेषक माइकल एथर्टन का मानना है कि मौजूदा फॉर्म और रन बनाने की गति को देखते हुए रूट वर्ष 2028 में यह उपलब्धि हासिल कर सकते हैं।
भविष्यवाणी के मुताबिक रूट इंग्लैंड के 2028 घरेलू सत्र में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के दौरान या फिर उसी साल भारत दौरे के आखिरी टेस्ट में सचिन का रिकॉर्ड पीछे छोड़ सकते हैं। यदि यह उपलब्धि भारत की धरती पर हासिल होती है तो वह क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार पलों में शामिल हो सकती है।
आंकड़ों ने बढ़ाई उम्मीदें
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में रूट ने जिस निरंतरता के साथ रन बनाए हैं, उसने उन्हें इस रिकॉर्ड का सबसे मजबूत दावेदार बना दिया है। 2021 के बाद से उनका प्रदर्शन लगातार ऊंचे स्तर पर रहा है और यही वजह है कि अब सचिन का रिकॉर्ड सुरक्षित नहीं माना जा रहा।
माइकल एथर्टन ने भी आंकड़ों के आधार पर कहा है कि रूट के रिकॉर्ड तक पहुंचने की संभावना काफी मजबूत दिखाई देती है और मौजूदा रफ्तार बरकरार रही तो अगले दो वर्षों में यह इतिहास बन सकता है।
सचिन और रूट के करियर में बड़ा अंतर
जो रूट और सचिन तेंदुलकर के करियर की तुलना करें तो दोनों की क्रिकेट यात्रा अलग रही है। सचिन ने टेस्ट क्रिकेट के साथ-साथ एकदिवसीय क्रिकेट में भी लंबे समय तक दबदबा कायम रखा। उन्होंने 200 टेस्ट और 463 एकदिवसीय मुकाबले खेले तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक लगाने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया।
वहीं जो रूट ने अपने करियर का बड़ा हिस्सा टेस्ट क्रिकेट पर केंद्रित रखा है। उन्होंने 2013 में एकदिवसीय पदार्पण किया था और अब तक 189 वनडे मैच खेले हैं। इसके अलावा 2019 के बाद से वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से भी दूर रहे हैं।
रूट की फॉर्म ने बढ़ाई रिकॉर्ड की चर्चा
फिलहाल क्रिकेट जगत की नजरें जो रूट के अगले कुछ वर्षों के प्रदर्शन पर टिकी हैं। यदि वह अपनी मौजूदा लय बनाए रखने में सफल रहते हैं तो टेस्ट क्रिकेट का सबसे बड़ा रिकॉर्ड नए नाम के साथ दर्ज हो सकता है और सचिन तेंदुलकर का वर्षों पुराना कीर्तिमान इतिहास बन सकता है।
